गुनाहों का देवता - धर्मवीर भारती
इंजीनियरिंग का छात्र होने के वाबजूद हमें साहित्य से बहुत लगाव है, कई वर्षों के बाद फिर से किताब उठाई है , अपने इस साहित्यिक दोस्त से फिर से दोस्ती कर ली है हमने , कहते है जब आप साहित्य पढ़ते है तो "आप" आप नहीं रह जाते , हर किसी को अपने जीवन में साहित्य को शामिल जरूर करना चाहिए। इस बार जो किताब हमने शुरू करी वो थी धर्मवीर भारती जी की " गुनाहों का देवता " ये धर्मवीर जी की कालजयी रचना है , ओह मुझे नहीं पता इसे मैने खत्म किया ये किताब ने मुझे खत्म, पद्मश्री से सम्मानित धर्मवीर जी ने ये किताब महज २३ साल की उम्र में लिखा था ,लेखकों ने कहा कमजोर कृति है और आज सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले उपन्यासों में एक है ये , प्यार ,समर्पण, त्याग का अनूठा उदाहरण चन्दर और सुधा की कहानी । कहानी के चार मुख्य किरदार हैं. हीरो चन्दर, प्रेमिका सुधा, और चंदर की दो और दीवानी बिनती और पम्मी. गुनाहों का देवता की पूरी कहानी इन्हीं किरदारों के इर्दगिर्द घूमती है. चन्दर यानी इस प्रेम कहानी का हीरो सुधा के प्रोफेसर पिता के प्रिय छात्रों में से एक है कहानी काफी साधारण हैं । चन्दर एक गरीब परिवार से हैं...