कभी शाम को यूं ही....आँखों के रास्ते से..


कभी शाम को यूं ही....आँखों के रास्ते से..
कभी शाम को यूं ही....आँखों के रास्ते से....
आप हमसे आके मिल गए...
तमाम बातें दिल की ..लाखों कर गए..
आपके जाने के बाद भी एहसास है आपका..
आपके मिलने के बाद भी कम लगे मिलना आपका..
हर दिन सुबह होती है आपसे और .
हर शाम को तन्हाई भी होती है आपसे..
हर बात को इतने प्यार से कह जाना ..
और कभी -कभी गुस्से में मुंह फुलाना ..
हर बात दिल को छु जाती है....||
हर दिन आपसे नज़रें मिल जाती है ..
दूर ही सही पर आप यहाँ हो..
हर शाम को हमारे ख्यालों में हो...
जानता नही था ..कभी की कितना ..
असर कर जायेगा ..हमको कोई इतना..
कभी शाम को हम फिर से मिलेंगे..
और हम जब मिलेंगे ..तो फिर से मिलेंगे....||


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