अपनी पहली मुलाक़ात ..!!

वो हमारी पहली मुलाक़ात , हमें आज भी याद है,
तेरा वो बचपना , तेरा वो बात बात में डांटना ..!!
वो तेरा मेरे बगल में आके बैठ जाना फिर वो तेरा आहें भरना ..!
मेरे करीब आके फिर तेरा दूर जाना , मुझे छेड़ के बदमाशियां करना ..!!
वो तेरा अपने लबों को मेरे लबों के पास की शरारत ..!
फिर मेरे तेरे लबों को चूमने की वो नजाकत ....!!
वो मेरा तेरी गोद में सिर रख के तुझे घूरना ..!
फिर बार बार नजरे मिलाके नजरों को झुकाना....!!
फिर एक दूसरे को टकटकी लगाके देख के मुस्कुराना ..!
फिर एक दूसरे को बाँहों में लेकर लम्बी साँसे भरना ...!!.
एक दूसरे में इस कदर खो जाना की क्या कहेगा जमाना...!
मुझे अभी तक याद है वो हमारी पहली मुलाक़ात का छोटा सा नजराना...!!

आपका,
आनंद 


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